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Jaise Suraj ki garmi se jalte hue tan ko - Bhajan

Jaise Suraj ki garmi se jalte hue tan ko - Bhajan

Jaise Suraj ki garmi se jalte hue tan ko mil jaaye taruvar ki chaya is a wonderful bhajan dedicated to Sri Ram. This bhajan was sung by the Sharma brothers, and also featured in the Hindi movie Parinay. In this bhajan the devotee is saying ' Just as the body burning in the sun’s heat Gets shade from a tree That same joy my heart has got when I came to your refuge, my Rama '.

Jaise surak ki garmi se jalte hue tan ko

जैसे सूरज की गर्मी से जलते

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया

ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया

भटका हुआ मेरा मन था कोई
मिल ना रहा था सहारा

लहरों से लडती हुई नाव को जैसे,
मिल ना रहा हो किनारा

उस लडखडाती हुई नाव को जो
किसी ने किनारा दिखाया

ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया

शीतल बने आग चन्दन के जैसी
राघव कृपा हो जो तेरी

उजयाली पूनम की हो जाये राते
जो थी अमावस अँधेरी

युग युग से प्यासी मुरुभूमि ने
जैसे सावन का संदेस पाया

ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया

जिस राह की मंजिल तेरा मिलन हो
उस पर कदम मैं बढ़ाऊं

फूलों मे खारों मे, पतझड़ बहारो मे
मैं ना कभी डगमगाऊँ

पानी के प्यासे को तकदीर ने
जैसे जी भर के अमृत पिलाया

ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को
मिल जाये तरुवर की छाया

ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है,
मैं जब से शरण तेरी आया, मेरे राम

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